मंगलवार, 30 सितंबर 2014

सामान्य प्रवृत्ति

प्रत्येक मनुष्य के जीवन में नित्य नयीं स्थितियाँ उसके सामने उपस्थित होती हैं । उसकी आत्मा प्रत्येक स्थल पर परिवर्तनों को तलाशता है । वह खोज़ने की कोशिश करता है कि जो कुछ भी उसे ज्ञात है उसकी अपेक्षा नयी परिस्थिति में क्या कुछ बदला हुआ है । यह निर्णय कर पाना ही सबसे अहम् स्थल होता है कि क्या प्रकृति प्रेरित है और क्या उसकी स्वयँ की इच्छा के प्रतिफल से है । कोई भी मनुष्य पूर्ण नहीं हो सकता है । परंतु अच्छे के लिये प्रयत्न करने वाले की उपलब्धि उसे विलक्षण बनाती है । 

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