प्रत्येक मनुष्य के जीवन में नित्य
नयीं स्थितियाँ उसके सामने उपस्थित होती हैं । उसकी आत्मा प्रत्येक स्थल पर
परिवर्तनों को तलाशता है । वह खोज़ने की कोशिश करता है कि जो कुछ भी उसे ज्ञात है
उसकी अपेक्षा नयी परिस्थिति में क्या कुछ बदला हुआ है । यह निर्णय कर पाना ही सबसे
अहम् स्थल होता है कि क्या प्रकृति प्रेरित है और क्या उसकी स्वयँ की इच्छा के
प्रतिफल से है । कोई भी मनुष्य पूर्ण नहीं हो सकता है । परंतु अच्छे के लिये
प्रयत्न करने वाले की उपलब्धि उसे विलक्षण बनाती है ।
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