आत्मा की सत्य पहचान होने की दशा ।
आत्मीय गरिमा के अनुरूप जीवन यापन । प्रकृतीय मोंह से मुक्त आत्मा । स्वतंत्र
आत्मा । इन सभी स्थितियों को पाने की दशा । उपलब्ध जीवन का स्वरूप होगा । द्वंदों
से मुक्त जीवन । संकल्प विकल्प द्वंद होते हैं । क्या अपनाया जाय ? क्या त्यागा जाय ? यह द्वंद होता है । दु:ख और सुख से मुक्त जीवन ।
इच्छा की पूर्ति की दशा सुख । इच्छा की अपूर्ति की दशा दु:ख । इनसे सुख और दु:खों
से मुक्त जीवन । शांत आनंदमय जीवन ।
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